” बेटा, बड़े होकर तुम क्या बनोगे ? “

” बेटा,  बड़े होकर तुम क्या बनोगे ? “

यह एक साधारण सा सवाल है जो हम सभी एक छोटे बच्चे से पूछते हैं.

माता-पिता ही बच्चो को बताते हैं की उनका बच्चा बड़ा हो कर क्या बनेगा और बच्चे भी वही जवाब देते हैं जो उनके माता-पिता उन्हे सिखाते हैं. और जब माता-पिता अपने बच्चो का जवाब दूसरो के सामने सुनते हैं तो उनका सीना काफ़ी गर्व से चौड़ा हो जाता है.

बच्चे जैसे जैसे बड़े होते हैं, उन्हे अपनी रूचि के बारे में पता चलता है और वो भी सोचने लगते हैं की उन्हे क्या करना है.

वो बच्चे काफ़ी भाग्यशाली होते हैं जिनके घर में एक ऐसा गार्डियन होता है जो सही वक़्त पे बच्चो को मार्गदर्शन देते है और बच्चे उनका अनुसरण करते हैं और अक्सर अपनी मंज़िल तक पहुच जाते हैं.

पर सभी बच्चे भाग्यशाली नही होते हैं और कई बच्चे ऐसे होते हैं जिन्हे सही मार्गदर्शन ना तो स्कूल में मिलता है, ना ही घर में और ना ही समाज में और ऐसे बच्चे हमेशा असमंजस में रहते हैं और अक्सर अपने मार्ग से भटक जाते हैं.

जानकारी के अभाव के कारण इनके लिए सपने देखना भी असंभव सा हो जाता है ऐसे लोग अपने आस पास के लोगो का बस अनुसरण करने लगते हैं. अगर वो कॉलेज में दाखिला भी लेते हैं तो ये देखते हैं की उनके साथ वाला किस कोर्स में दाखिला ले रहा है और बस उसके साथ हो लेते हैं.

कई बार वो ऐसे विषय चुन लेते हैं जिनमें उनकी रूचि नही होती है और यहीं से सुरू हो जाती है भटकाओ.

जब विषय ही उनके पसंद का नही होता है तो धीरे-धीरे उनकी पढ़ाई से रूचि ख़त्महो जाती है और इसके परिणाम स्वरूप कई तो अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ देते हैं.

और जो किसी तरह पढ़ाई पूरी कर लेते हैं उनका ज्ञान अधूरा होता है और इसके अभाव में उन्हे अपनी मंज़िल तक पहुँचने में काफ़ी कठिनाइयो का सामना करना पड़ता हैं. कुछ जो थोरे मेहनती और भाग्यशाली होते हैं वो तो अपनी मंज़िल तक पहुच जाते हैं पर अक्सर ऐसे लोग अपनी मंज़िल तक नही पहुच पाते और अपना कीमती समय गँवा देते हैं.

हम सभी इसी समाज में रहते हैं. तो क्या ये हमारी ज़िम्मेदारी नही है की हम अपने समाज के लिए कुछ करें और ऐसे लोगो की मदद करें.

अगर आप  उनसे अपनी जानकारी साझा करते हैं तो उनका आत्मविश्वास और बढ़ेगा और अपने जीवन के लक्ष्य को निर्धारण करने और पूरा करने में उन्हे आसानी होगी.

मेरी आप सभी से गुज़ारिश है की अपने बहुमूल्य समय का कुछ हिस्सा ऐसे बच्चो के लिए निकालें और हमारे देश को उन्नत बनाने में अपना योगदान दें.

Comments

  1. Thanks for sharing your thoughts about Dream to execute.
    Regards

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